वॉलमार्ट में 100 रु/ किलो बेबी कोर्न
किसानों के हाथ आया मात्र 8 रुपया
ब्रज मोहन सिंह
चंडीगढ़/जालंधर। विदेशी कम्पनियां आएंगी तो किसान रातों रात करोड़पति बन जाएगा। अभी तक केंद्र सरकार राज्यों को यही बता रहे है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने अमृतसर भी एफडीआई के कई फायदे गिनाए। लेकिन पंजाब के किसानों का अब तक का अनुभव निराशाजनक ही रहा है।1990 के दशक में किसानों को पेप्सिको के हाथों ठगे जाने के बाद अब उनका सीधा वास्ता वॉलमार्ट जैसी बड़ी कंपनियों से हो रहा है।
अब जब एफडीआई आई की खूब बयार चल रही है तो दोआबा के बहुत से किसानों ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर बेबी कोर्न की फसल लगाई।बाबी कोर्न को एक ऐसे फसल के तौर पर प्रचारित किया गया जो किसानों को मालामाल कर सकती थी।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पिछले दो सालों से बेबी कोर्न की फसल पैदा कर रहे किसान अब तौबा कर रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि भारती वॉलमार्ट सहित पंजाब के बाजार में बिकने वाले जिस बेबी कोर्न की कीमत 100 से 150 रुपए किलो है। उसके लिए एक किसान को महज 8 रुपए प्रति किलो के हिसाब से कीमत मिल रही है।
अब जब एफडीआई आई की खूब बयार चल रही है तो दोआबा के बहुत से किसानों ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर बेबी कोर्न की फसल लगाई।बाबी कोर्न को एक ऐसे फसल के तौर पर प्रचारित किया गया जो किसानों को मालामाल कर सकती थी।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पिछले दो सालों से बेबी कोर्न की फसल पैदा कर रहे किसान अब तौबा कर रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि भारती वॉलमार्ट सहित पंजाब के बाजार में बिकने वाले जिस बेबी कोर्न की कीमत 100 से 150 रुपए किलो है। उसके लिए एक किसान को महज 8 रुपए प्रति किलो के हिसाब से कीमत मिल रही है।
(नीचे:किसान के साथ स्टोरी के लेखक ब्रज मोहन सिंह)
पढ़ें:http://www.bhaskar.com/article/c-3-773492-NOR.html?HF-1=
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